बच्चों का शोषण रोकने में WhatsApp कैसे मदद करता है

WhatsApp, बच्चों का यौन शोषण और उनके साथ बुरा बर्ताव बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करता. हम उन यूज़र्स को बैन कर देते हैं जो बच्चों के शोषण से जुड़ा या उन्हें खतरे में डालने वाला कॉन्टेंट शेयर करते हैं. हम नियमों का उल्लंघन करने वाले कॉन्टेंट और अकाउंट्स की रिपोर्ट नेशनल सेंटर फ़ॉर मिसिंग ऐंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन (एन.सी.एम.ई.सी.) को देते हैं. यह संगठन ऐसी जानकारी (CyberTips) दुनियाभर की कानून प्रवर्तन संस्थाओं या पुलिस तक पहुँचाता है. हमारे पास ऐसे फ़ीचर्स और कंट्रोल हैं जिनसे हमें शोषण और बुरा बर्ताव रोकने में मदद मिलती है. साथ ही, बच्चों का शोषण और उनके साथ बुरा बर्ताव रोकने के लिए हमने एक खास टीम बनाई है जिसमें कानून, ऑनलाइन सुरक्षा पॉलिसी, जाँच-पड़ताल और तकनीकी मामलों के एक्सपर्ट्स शामिल हैं.
हम शोषण और बुरा बर्ताव ऐसे रोकते हैं
WhatsApp को बनाने का मकसद था कि लोग सुरक्षित रूप से पर्सनल बातचीत कर सकें. अपने यूज़र्स की प्राइवेसी और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, हम डिफ़ॉल्ट रूप से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन उपलब्ध कराते हैं. मतलब, मैसेज भेजने वाला और उसे पाने वाला ही मैसेज का कॉन्टेंट देख सकता है. हम WhatsApp पर बुरा बर्ताव रोकने के लिए लगातार काम करते हैं, ताकि हमारे यूज़र्स सुरक्षित रहें. अन्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के उलट, WhatsApp पर उन लोगों को सर्च नहीं किया जा सकता जिन्हें आप नहीं जानते. WhatsApp पर किसी के साथ कनेक्ट होने के लिए आपके पास उसका फ़ोन नंबर होना ज़रूरी है. अगर आपके पास किसी ऐसे व्यक्ति का मैसेज आता है जिसका फ़ोन नंबर आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव नहीं है, तो हम आपसे उसे ब्लॉक करने या उसकी रिपोर्ट करने के लिए कहते हैं. WhatsApp पर 90% मैसेजेस दो लोगों के बीच ही भेजे जाते हैं और औसत रूप से WhatsApp ग्रुप्स में 10 से भी कम लोग होते हैं. हम यूज़र्स को यह तय करने का कंट्रोल देते हैं कि उन्हें ग्रुप्स में कौन शामिल कर सकता है. साथ ही, किसी मैसैज को एक बार में सीमित चैट्स पर ही फ़ॉरवर्ड किया जा सकता है, ताकि अफ़वाहों या किसी को नुकसान पहुँचा सकने वाले कॉन्टेंट को फैलने से रोका जा सके.
हम ऐप स्टोर प्रोवाइडर्स के साथ मिलकर काम करते हैं, ताकि ऐसे ऐप्स पर रोक लगाई जा सके जिनमें बच्चों के शोषण से जुड़ा कॉन्टेंट (सी.ई.आई.) शामिल होता है. हम ऐसे ऐप्स पर भी रोक लगाते हैं जो इस तरह का कॉन्टेंट शेयर करने के इच्छुक लोगों को आपस में जोड़ने के लिए किसी ग्रुप में शामिल होने के लिंक्स उपलब्ध कराते हैं. हमने लोकप्रिय सर्च इंजनों पर इस तरह के आमंत्रण वाले लिंक्स की लिस्टिंग पर भी रोक लगाई है.
हम शोषण और बुरे बर्ताव वाले कॉन्टेंट का पता ऐसे लगाते हैं
बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए WhatsApp ऐसी जानकारी की मदद लेता है जो एन्क्रिप्टेड नहीं है, जिसमें यूज़र रिपोर्ट भी शामिल है. इस जानकारी से हमें बुरे बर्ताव का पता लगाने और उसे रोकने में मदद मिलती है. साथ ही, हम बच्चों का शोषण और उनके साथ बुरा बर्ताव दिखाने वाले कॉन्टेंट का पता लगाने की अपनी तकनीक में लगातार सुधार कर रहे हैं.
हम ऐसे कॉन्टेंट का पता लगाने के लिए एडवांस्ड ऑटोमेटेड तकनीक के साथ-साथ फ़ोटो और वीडियो मैचिंग तकनीक का इस्तेमाल भी करते हैं. हम इनकी मदद से प्रोफ़ाइल फ़ोटो, ग्रुप की फ़ोटो और यूज़र रिपोर्ट जैसी बिना एन्क्रिप्शन वाली जानकारी को स्कैन करते हैं, ताकि बच्चों के शोषण से जुड़े कॉन्टेंट का पता लगाया जा सके. इसके अलावा, हमारे पास ऐसी तकनीक भी है जिसकी मदद से हम बिना एन्क्रिप्शन वाली जानकारी में से बच्चों के शोषण से जुड़े नए या अज्ञात कॉन्टेंट का पता लगाते हैं. हम मशीन लर्निंग क्लासिफ़ायर्स का इस्तेमाल करके WhatsApp पर मौजूद ऐसे टेक्स्ट को स्कैन करते हैं जो एन्क्रिप्टेड नहीं है, जैसे कि यूज़र प्रोफ़ाइल और ग्रुप के बारे में दी गई जानकारी. इसके अलावा, हम इस तकनीक की मदद से उन ग्रुप्स की जानकारी और ऐसे व्यवहार की जाँच भी करते हैं जहाँ बच्चों के शोषण से जुड़ा कॉन्टेंट शेयर होने का संदेह हो.
WhatsApp इस बारे में लगातार जाँच-पड़ताल करता रहता है. साथ ही, यूज़र्स को प्रोत्साहित भी करता है कि वे बच्चों के शोषण से जुड़े कॉन्टेंट और अन्य आपत्तिजनक कॉन्टेंट की रिपोर्ट करें. यूज़र्स जब चाहें तब किसी अकाउंट या ग्रुप को ब्लॉक कर सकते हैं या उसकी रिपोर्ट कर सकते हैं. WhatsApp पर सुरक्षित रहने के तरीकों के बारे में ज़्यादा जानने के लिए हमारे मदद केंद्र पर जाएँ.
WhatsApp इन तकनीकों का इस्तेमाल करके हर महीने 3,00,000 से भी ज़्यादा ऐसे अकाउंट्स बैन करता है जिन पर बच्चों के शोषण से जुड़ा कॉन्टेंट शेयर करने का संदेह होता है.
हम कानून प्रवर्तन संस्थाओं के साथ काम ऐसे करते हैं
दुनियाभर में कानून प्रवर्तन संस्थाएँ लोगों को सुरक्षित रखने के लिए जो काम करती हैं WhatsApp उसकी सराहना करता है. हम कानून प्रवर्तन संस्थाओं के नियमित संपर्क में रहते हैं, ताकि उन्हें पता रहे कि हमसे संपर्क कैसे करना है और WhatsApp को अनुरोध कैसे भेजना है. हमारे कानून प्रवर्तन संस्थाओं के लिए जानकारी रीसोर्स सेंटर में ऐसा ऑनलाइन सिस्टम मौजूद है जिसकी मदद से ये संस्थाएँ कानूनी अनुरोध सुरक्षित तरीके से सबमिट कर सकती हैं.
जैसे ही हमें अपने प्लेटफ़ॉर्म पर बच्चों के शोषण से जुड़े कॉन्टेंट की जानकारी मिलती है, हम उससे जुड़े सभी अकाउंट्स बैन कर देते हैं. यू.एस. के कानून के तहत, हम बच्चों का शोषण और उनके साथ बुरा बर्ताव दिखाने वाली फ़ोटोज़ हटा देते हैं और इन्हें शेयर करने वाले अकाउंट्स की डीटेल्स के साथ एन.सी.एम.ई.सी. को उनकी रिपोर्ट करते हैं.
जब एन.सी.एम.ई.सी. इन मामलों को कानून प्रवर्तन संस्थाओं के पास जाँच के लिए भेजता है, तब WhatsApp इन एजेंसियों के मान्य अनुरोधों का जवाब देने के लिए तैयार रहता है. WhatsApp को कानून प्रवर्तन संस्थाओं से यह फ़ीडबैक मिला है कि बुरे बर्ताव से पीड़ित बच्चों को बचाने में हमारे द्वारा अपनाए गए इन तरीकों ने उनकी काफी मदद की है.
February, 2021 (Q4 2020 के एनालिसिस पर आधारित, अकाउंट बैन करने से जुड़े आँकड़े)
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