अफ़वाहों को फैलने से कैसे रोकें

"फ़ॉरवर्ड किया गया मैसेज" लेबल के बारे में जानकारी
जिन मैसेजेस पर "फ़ॉरवर्ड किया गया" लेबल लगा होता है उनसे आपको पता चलता है कि वह मैसेज आपके दोस्त या परिवार के सदस्य ने लिखा है या फिर किसी और ने. जब कोई मैसेज पहली बार भेजे जाने के बाद कम से कम पाँच बार फ़ॉरवर्ड किया गया हो, तो उस पर दो ऐरो
और “कई बार फ़ॉरवर्ड किया गया” लेबल दिखने लगता है. अगर आपको पता न हो कि आपको मिलने वाला मैसेज असल में किसने लिखा है, तो उस मैसेज से जुड़े फ़ैक्ट अच्छे से जाँच लें. WhatsApp में किसी मैसेज को कितनी बार फ़ॉरवर्ड किया जा सकता है, इस बारे में जानने के लिए यह लेख पढ़ें.
किसी भी बात पर जल्दी विश्वास न करें
आपको सही लगने वाली जानकारी पर पूरी तरह भरोसा न करें. ऐसी कोई भी जानकारी शेयर करने से पहले फ़ैक्ट्स अच्छे से जाँच लें. जिन बातों पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल होता है वे अक्सर झूठी होती हैं.
अन्य स्रोतों की मदद से फ़ैक्ट्स चेक करें
अफ़वाहें जल्दी फैलती हैं और आपको बहकाने के लिए फ़ोटो, ऑडियो रिकॉर्डिंग या वीडियो में एडिटिंग की जा सकती है. ऐसा ज़रूरी नहीं है कि अगर मैसेज कई बार शेयर किया गया है, तो वह सच ही होगा. कई बार अफ़वाहें ज़्यादा तेज़ी से फैलती हैं. अगर आपको गलत जानकारी मिलती है, तो मैसेज भेजने वाले को बताएँ कि उन्होंने गलत जानकारी भेजी है. साथ ही, उन्हें सलाह दें कि कोई भी मैसेज शेयर करने से पहले वे उसकी जाँच कर लें.
अगर आप पता नहीं कर पा रहे हैं कि मैसेज में मौजूद जानकारी सच है या झूठ, तो ऐसे में हमारी सलाह है कि किसी भरोसेमंद न्यूज़ वेबसाइट पर फ़ैक्ट्स की जाँच करें और देखें कि यह जानकारी कहाँ से आई है. जब भरोसेमंद स्रोतों की मदद से एक खबर कई जगह छपती है, तो उसके सच होने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं. ज़्यादा जानकारी के लिए आप फ़ैक्ट चेक करने वाली संस्थाओं या भरोसेमंद लोगों से सलाह ले सकते हैं. इंटरनेशनल फ़ैक्ट चेकिंग नेटवर्क से जुड़ी संस्थाओं के बारे में जानने के लिए यह लेख पढ़ें.
अगर कोई कॉन्टैक्ट बार-बार अफ़वाहें या झूठी खबरें भेजता है, तो उसकी रिपोर्ट करें. किसी मैसेज, कॉन्टैक्ट या ग्रुप की रिपोर्ट करने के बारे में जानने के लिए यह लेख पढ़ें.
अलग दिखने वाले मैसेजेस से सावधान रहें
आपको मिलने वाले ज़्यादातर अनचाहे मैसेजेस और लिंक में कुछ शब्द गलत लिखे हो सकते हैं या उनमें व्याकरण से जुड़ी गलतियाँ हो सकती हैं. या फिर, इस तरह के मैसेजेस में आपसे अपनी निजी जानकारी शेयर करने के लिए कहा जा सकता है. इस तरह के मैसेज पहचानने और उन्हें हैंडल करने के बारे में जानने के लिए यह लेख पढ़ें.
ध्यान दें: अगर आपको लगता है कि आप या कोई अन्य व्यक्ति मानसिक या शारीरिक खतरे में है, तो कृपया स्थानीय कानून प्रवर्तन विभाग से संपर्क करें. ऐसी स्थितियों में वे आपकी बेहतर तरीके से मदद कर सकते हैं.
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