Apple के App Store में WhatsApp के प्राइवेसी लेबल से जुड़ी जानकारी

Apple ने हाल ही में यह ज़रूरी कर दिया कि App Store पर मौजूद ऐप्स यह जानकारी दिखाएँ कि वे लोगों का डेटा कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं. हम पारदर्शिता में यकीन रखते हैं, इसलिए हम लोगों को उनके अकाउंट से जुड़ी जानकारी डाउनलोड करने की सुविधा देते हैं. हम WhatsApp यूज़र्स की प्राइवेसी पूरी तरह से सुरक्षित रखते हैं और अपने यूज़र्स को हर बातचीत से पहले बताते हैं कि उनकी प्राइवेसी सुरक्षित है.
हमने 2016 में WhatsApp पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन लागू किया. इसका मतलब है कि दोस्तों और परिवार के लोगों को की गई कॉल्स, उन्हें भेजे गए मैसेज, फ़ोटो, वीडियो और वॉइस नोट सिर्फ़ उन्हीं यूज़र्स के साथ शेयर किए जाते हैं जिन्हें आपने चुना है. इस जानकारी को और कोई नहीं पढ़ सकता, यहाँ तक कि हम भी नहीं. एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की वजह से, मैसेज डिलीवर होने के बाद हमारे सर्वर पर सेव नहीं होते. आमतौर पर सर्विस देते समय हम उन लोगों का रिकॉर्ड नहीं रखते जिन्हें आप मैसेज भेज सकते हैं.
दुनियाभर में भरोसेमंद कम्यूनिकेशन सर्विस देने के लिए हमें कुछ जानकारी इकट्ठी करनी पड़ती है. अपने सिद्धांतों पर चलते हुए हम कम से कम डेटा इकट्ठा करते हैं. हम जो भी थोड़ा-बहुत डेटा इकट्ठा करते हैं उसके ऐक्सेस पर लगाम लगाने के लिए हम ज़रूरी कदम उठाते हैं. उदाहरण के लिए, आप हमें अपने कॉन्टैक्ट्स का ऐक्सेस देते हैं, ताकि उन्हें मैसेज भेज पाने में हम आपकी मदद कर सकें. हम आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट किसी के साथ शेयर नहीं करते, यहाँ तक कि हम यह लिस्ट Facebook के साथ भी शेयर नहीं करते. हमने अपने मदद केंद्र, प्राइवेसी पॉलिसी और सेवा की शर्तों में इस बारे में ज़्यादा जानकारी दी है.
Apple के App Store में WhatsApp के लिए जो लेबल दिखाया गया है उसके बारे में नीचे बताया गया है. साथ ही, ऐसे डेटा के इस्तेमाल के बारे में भी ज़्यादा जानकारी दी गई है जो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित नहीं है: आपके लिए यह समझना ज़रूरी है कि नीचे मौजूद डेटा में से कई तरह का डेटा सिर्फ़ उन फ़ीचर्स से जुड़ा है जिनका इस्तेमाल करना आपकी इच्छा पर निर्भर करता है. हम नीचे बताया गया हर डेटा ऑटोमैटिकली इकट्ठा नहीं करते. ऐसे कई फ़ीचर्स सिर्फ़ WhatsApp पर ही उपलब्ध हैं, जैसे कि शॉपिंग और पेमेंट. एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग की सुविधा देने वाली अन्य कंपनियां इस तरह के फ़ीचर्स उपलब्ध नहीं करातीं.
  • कॉन्टैक्ट की डीटेल्स: जब आप WhatsApp के लिए साइन अप करते हैं, तो हमें आपका फ़ोन नंबर मिलता है. इसकी मदद से हम आपके डिवाइस पर मैसेज डिलीवर कर पाते हैं. अगर आप टू-स्टेप वेरिफ़िकेशन ऑन करना चाहते हैं, तो आप WhatsApp के साथ अपना ईमेल एड्रेस शेयर कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करना ज़रूरी नहीं है. आप मदद पाने के लिए भी WhatsApp को ईमेल भेज सकते हैं.
  • आइडेंटिफ़ायर्स: हम आपके फ़ोन नंबर को आपकी WhatsApp यूज़र ID के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. साथ ही, हमें पता रहता है कि आपका फ़ोन किस IP एड्रेस से WhatsApp से कनेक्ट होता है.
  • लोकेशन: हम आपकी सटीक लोकेशन का पता कभी नहीं लगाते, लेकिन आपके फ़ोन नंबर की मदद से हमें आपके IP एड्रेस और राष्ट्र कोड के बारे में पता चल जाता है.
  • कॉन्टैक्ट्स: जब आप WhatsApp पर साइन अप करते हैं, तो हम आपके फ़ोन पर मौजूद कॉन्टैक्ट्स ऐक्सेस करने का अनुरोध करते हैं. हम ऐसा यह पता लगाने के लिए करते हैं कि आपके कौन-से कॉन्टैक्ट्स हमारे सिस्टम में वेरिफ़ाई किए गए हैं. इससे आपको अपने दोस्तों और परिवारजनों को मैसेज भेजने में आसानी होती है. अगर आप WhatsApp को अपने कॉन्टैक्ट्स का ऐक्सेस देते हैं, तो आपकी एड्रेस बुक में सेव किए गए कॉन्टैक्ट्स आपको WhatsApp पर दिखते हैं. हम आपके कॉन्टैक्ट्स की जानकारी Facebook के साथ शेयर नहीं करते. ज़्यादा जानने के लिए यह लेख पढ़ें.
  • डेटा का इस्तेमाल: दुनियाभर में भरोसेमंद सर्विस देने के लिए हमारा यह जानना ज़रूरी है कि फ़ीचर्स सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं. इसके लिए हम ऐसे तरीके की टेस्टिंग कर रहे हैं जिसमें किसी की पहचान ज़ाहिर न हो. WhatsApp का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए हम बल्क या ऑटोमेटेड मैसेज भेजने वाले अकाउंट्स के खिलाफ़ कार्रवाई करते हैं. खास तौर पर चुनावों के दौरान ऐसा करना ज़रूरी होता है क्योंकि हो सकता है कि कुछ ग्रुप, बल्क में मैसेज भेजने की कोशिश कर रहे हों. हम मार्केटिंग कैंपेन भी स्पॉन्सर करते हैं, ताकि उन लोगों तक पहुँचा जा सके जो फ़िलहाल WhatsApp का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. ऐसा करने के लिए हम Apple के विज्ञापन नेटवर्क का इस्तेमाल भी करते हैं. प्रोडक्ट के नए फ़ीचर और अपडेट के बारे में बताने के लिए, हम यूज़र्स से ऐप में बातचीत करते हैं.
  • समस्या ठीक करना: अगर आपको WhatsApp का इस्तेमाल करने में समस्या आती है, तो हमें क्रैश लॉग मिलते हैं. इनसे हमें बग को ठीक करके अपनी सर्विस बेहतर बनाने में मदद मिलती है.
हम ये डेटा भी इकट्ठा करते हैं:
  • बैंक अकाउंट और कार्ड से जुड़ी जानकारी: जिन देशों में आप WhatsApp की मदद से पेमेंट भेज सकते हैं वहाँ लेन-देन पूरा करने के लिए आपके कार्ड या बैंक की डीटेल्स की ज़रूरत होती है.
  • खरीदारी: अगर आप WhatsApp पर Facebook शॉप इस्तेमाल करते हैं, तो हम आपकी शॉपिंग एक्टिविटी समझ सकते हैं, जैसे कि आप कौन से प्रोडक्ट देखते और खरीदते हैं. साथ ही, हम यह जानकारी Facebook के साथ शेयर करते हैं क्योंकि 'शॉप' Facebook का प्रोडक्ट है. इसका मतलब है कि अगर आप शॉप में कोई प्रोडक्ट ब्राउज़ करते हैं या खरीदते हैं, तो उससे जुड़ा कंटेंट आपको शॉप और Facebook के दूसरे प्रोडक्ट्स पर भी दिख सकता है. WhatsApp पर Facebook शॉप का इस्तेमाल करने से पहले हम आपको इसकी जानकारी देते हैं और आपकी अनुमति मांगते हैं.
  • यूज़र से जुड़ा कॉन्टेंट: हमें आपके "विवरण" के साथ-साथ आपकी प्रोफ़ाइल फ़ोटो, ग्रुप के नाम, ग्रुप की प्रोफ़ाइल फ़ोटो और ग्रुप के बारे में जानकारी मिलती है. WhatsApp पर बुरा बर्ताव रोकने के लिए हम इस जानकारी का इस्तेमाल करते हैं. साथ ही, हम उन अकाउंट्स को बैन करते हैं जो बच्चों के शोषण से जुड़ा कंटेट शेयर करते हैं. इसके अलावा, अगर आप WhatsApp पर किसी समस्या के बारे में रिपोर्ट करते हैं, तो हमें सिर्फ़ वही जानकारी मिलती है जो आपने हमें भेजी है.
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